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सड़क सुरक्षा का तीसरा वैश्विक मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, इस बैठक का उद्देश्य

3rd Global Ministerial Conference on Road Safety, Objectives & key highlights of the meeting explained

प्रासंगिकता:

  • जीएस 2 || अंतर्राष्ट्रीय संबंध || अंतर्राष्ट्रीय संगठन || संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट एजेंसियां

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने स्टॉकहोम (स्वीडन) में सड़क सुरक्षा पर तीसरे वैश्विक मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा विश्व बैंक और 80 से अधिक देशों के मंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडलों के सहयोग से आयोजित किया जाता है।
  • इस सम्मेलन का विषय ‘वैश्विक लक्ष्य 2030 प्राप्त करना’ है।

उद्देश्य

  • वैश्विक एजेंडे पर सड़क सुरक्षा लाना और सुरक्षित सड़कों के लिए विश्व समुदाय की प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करना।
  • जीवन को बचाने के लिए सिद्ध रणनीतियों पर कार्रवाई में तेजी लाने के तरीकों को परिभाषित करें।

परिणाम

  • सम्मेलन में “स्टॉकहोम घोषणा” को अपनाया गया।
  • 2030 तक नए समाधानों से दुनिया की सड़कों पर लोगों की जिंदगियों को बचाने और सुड़क सुरक्षा के लिए नया वैश्विक लक्ष्य हासिल करना।
  • पिछले एक दशक (2011-2020) के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर वैश्विक योजना के कार्यन्वयन की सफलता और सबक को साझा करना।
  • भारत ने इस घटना के दौरान वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के संयुक्त राष्ट्र के फैसले के तहत संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की है।

दुनियाभर में सड़क दुर्घटनाएं

  • मौतों की संख्या- दुनियाभर सड़क दुर्घटना में मरने वाले लोगों की संख्या का अनुमान हर साल 10 लाख 35 हजार है।
  • मौतों के प्रमुख कारण- सड़क यातायात दुर्घटनाएं सभी उम्र के लोगों के लिए वैश्विक स्तर पर मौत का आठवां प्रमुख कारण हैं, और 5-29 वर्ष की आयु के बच्चों और युवा वयस्कों की मृत्यु का प्रमुख कारण हैं।
  • आर्थिक बोझ सड़क दुर्घटनाओं में किसी भी देश के जीडीपी का लगभग 3 फीसदी खर्च होता है।

राष्ट्रीय परिदृश्य

  • मौतों की संख्या- भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत होती हैं।
  • तीव्र गिरावट- ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से वृद्धि के बाजवदू भी सड़क दुर्घटनाओं और इससे होने वाली मौतों की संख्या में पिछले लगभग एक दशक (2010-2018) में भारी गिरावट देखने को मिली है।
  • गंभीरता- 2017 की तुलना में 2018 में सड़क दुर्घटना की गंभीरता (प्रति 100 दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में 0.6% की वृद्धि हुई है) ज्यादा देखी गई है।

सड़क सुरक्षा के लिए वैश्विक पहल

  • सड़क सुरक्षा पर ब्रासीलिया घोषणा
    • ब्राजील में आयोजित सड़क सुरक्षा पर दूसरे वैश्विक उच्च-स्तरीय सम्मेलन में घोषणा पर 2015 में हस्ताक्षर किए गए थे। पहला सम्मेलन रूस (2009) में आयोजित किया गया था।
    • ब्रासीलिया घोषणा देशों के माध्यम से 2030 तक सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 3.6 प्राप्त करने की योजना है, जो वैश्विक ट्रैफिक से होने वाली मौतों और चोटों से आधी है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने भी 2011-2020 को सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई का दशक घोषित किया है।
  • संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह
  • यह हर दो साल में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह के पांचवें संस्करण (6-12 मई 2019) ने सड़क सुरक्षा के लिए मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
  • अंतरराष्ट्रीय सड़क मूल्यांकन कार्यक्रम (iRAP)
  • यह एक पंजीकृत चैरिटी है, जो सुरक्षित सड़क के माध्यम से जीवन बचाने के लिए समर्पित है

सड़क सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पहल

  • सड़क सुरक्षा के लिए 4 E-
    • 4 E- शिक्षा (Education), इंजीनियरिंग (Engineering), प्रवर्तन (Enforcement), आपातकालीन (Emergency) देखभाल – सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गठित।
  • शिक्षा: विभिन्न सड़क सुरक्षा अभियानों के माध्यम से ऑडियो-विजुअल और अन्य प्रिंट मीडिया व गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से जागरूकता पैदा की जाती है।
  • इंजीनियरिंग: दुर्घटनाओं को कम करने और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए इंजीनियरिंग उपायों को अपनाने के लिए आवश्यक माना जाता है।
  • प्रवर्तन: सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों और विनियमों (जैसे मोटर वाहन अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989) का प्रवर्तन सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है।
  • आपातकालीन देखभाल: दुर्घटनाओं के बाद राहत और बचाव के उपायों के लिए राज्यों / संघ शासित प्रदेशों / गैर सरकारी संगठनों को क्रेन और एम्बुलेंस प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्घटना राहत सेवा योजना (NHARSS) जैसी योजना लागू की गई है।

न्यायमूर्ति के.एस. राधाकृष्णन समिति

  • सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में सड़क सुरक्षा पर तीन सदस्यीय केएस राधाकृष्णन पैनल की स्थापना की थी।
  • सुप्रीम कोर्ट ने भारत में सड़कों को “बड़ा हत्यारा” करार दिया था।
  • मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019
  • इसमें यातायात उल्लंघन, दोषपूर्ण वाहन, किशोर ड्राइविंग आदि के लिए दंड का प्रावधान है।
    • यह एक मोटर वाहन दुर्घटना के लिए फंड की सुविधा देता है, जिसमें कुछ विशेष प्रकार की दुर्घटनाओं के लिए भारत में सभी सड़क उपयोगकर्ताओं को अनिवार्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
    • यह एक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के लिए भी प्रदान करता है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा एक अधिसूचना के माध्यम से बनाया जाना है।

संदर्भ: