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प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana

उल्लेख: GS3 || अर्थव्यवस्था || कृषि || पशुपालन

खबरों में क्यों?

  • सरकार ने एक मजबूत मत्स्य प्रबंधन ढांचा स्थापित करने और मूल्य श्रृंखला में अंतराल की जांच करने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) का प्रस्ताव रखा।

 योजना के उद्देश्य:

  • मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY)के माध्यम से एक मजबूत मत्स्य प्रबंधन ढांचा स्थापित किया जाएगा।
  • मूल्य श्रृंखला में बुनियादी ढाँचे, आधुनिकीकरण, पता लगाने की क्षमता, उत्पादन, उत्पादकता, कटाई के बाद प्रबंधन, और गुणवत्ता नियंत्रण सहित महत्वपूर्ण अंतराल को संबोधित करना, इस योजना का उद्देश्य है।

मत्स्य संपादन में भारत:

  • भारत 47,000 रोड़ रुपये से अधिक के निर्यात के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक है।
  • मत्स्य और जलीय कृषि उत्पादन भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 1% का और कृषि GDP में 5% से अधिक का योगदान देते हैं।
  • खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की रिपोर्ट “द स्टेट ऑफ वर्ल्ड फिशरीज एंड एक्वाकल्चर 2018” के अनुसार [2013-15]के बीच भारत में प्रति व्यक्ति मछली की खपत का औसत 5 से 10 किलोग्राम के रहा है।
  • पिछले पांच वर्षों में 6 से 10 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ मत्स्य पालन देश का सबसे बड़ा कृषि निर्यात है
  • इसका महत्व इस तथ्य से रेखांकित किया गया है कि इसी अवधि में कृषि क्षेत्र की विकास दर लगभग5 प्रतिशत रही है।
  • भारत की लंबी तटरेखा में अर्थव्यवस्था की ताकत बनने की एक क्षमता है, विशेष रूप से ब्लू अर्थव्यवस्था (Blue Economy)के उपयोग के माध्यम से, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बड़ी संख्या के लिए बेहतर मानक और जीवन स्तर सुनिश्चित हो सके।
  • सागरमाला कार्यक्रम में हमारे प्रयासों को बढ़ाया जाएगा और हम अन्य अंतर्देशीय जलमार्गों को तेजी से विकसित करेंगे।
  • नीली क्रान्ति” मिशन का उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 1915.33 करोड़ रूपये नीली क्रान्ति (Blue Revolution) योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए जारी किये गए हैं।

नीली क्रांति योजना के बारे में:

  • केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नीली क्रांति, मछुआरों और मछली किसानों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए, मत्स्य पालन के एकीकृत और समग्र विकास और प्रबंधन के लिए, एक सक्षम वातावरण बनाने पर केंद्रित है।
  • इस योजना का लक्ष्य मछली उत्पादन को 2015-16 में 107.95 लाख टन से बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंत तक लगभग 150 लाख टन करना है।
  • इससे निर्यात आय में वृद्धि होने के साथ मछुआरों और मछली किसानों के लाभ में वृद्धि पर ध्यान देने और उनकी आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने की उम्मीद है
  • सरकार ने नीली क्रांति को हासिल करने के लिए “मिशन फिंगरलिंग” की शुरुआत की है।
  • देश में मछली बीज के विनिर्माण को मजबूत करने के लिए सरकार ने देश के 20 राज्यों की पहचान की है, ये राज्य अपनी क्षमता और अन्य कारकों के आधार पर केंद्र में आए हैं|
  • यह कार्यक्रम मछली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए अंडज उत्पत्तिशाला (Hatcheries) और फिंगरलिंग (मछली के बच्चे) पालन तालाब की स्थापना की सुविधा प्रदान करेगा।