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असम में बाढ़ 2019

Assam floods 2019

उल्लेख: GS3 || आपदा प्रबंधन || प्रमुख आपदाएँ || बाढ़

खबरों में क्यों ?

  • असम में विनाशकारी बाढ़ के कारण, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 70 प्रतिशत और उसके 95 प्रतिशत शिविर पानी में डूब गए हैं और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन अधिकारियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया और काम करते रहने का निर्देश दिया गया

असम में बाढ़ का प्रभाव:

  • असम में बाढ़ से कम से कम 26 लाख लोग प्रभावित हुए हैं
  • असम में बाढ़ ने कम से कम 11 लोगों की जान ली और राज्य के लगभग 5 लाख लोगों के जीवन को प्रभावित किया हैं
  • काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से भी बाढ़ की जानकारी मिली है, जो दुनिया में एक सींग वाले भारतीय गेंडों की आबादी का सबसे बड़ा घर भी है|

  • 28 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बारपेटा 35 लाख लोगों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावित है, इसके बाद मोरीगांव में 3.50 लाख लोग प्रभावित हैं। इनके बाद धुबरी है, जहाँ प्रभावितों की संख्या 3.38 लाख है।
  • मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पुरे असम में और अधिक वर्षा होगी और ब्रह्मपुत्र में जल स्तर बढ़ने की आशंका है
  • ब्रह्मपुत्र नदी के बढ़ते जल स्तर से गुवाहाटी के कुछ हिस्सों के जलमग्न होने का खतरा है, जहां से होकर वह प्रवाहित होती है। बारिश के जारी रहने से राज्य की दस अन्य नदियों का स्तर भी खतरनाक रूप से बढ़ गया है।

भारतीय गैंडे के बारे में:

  • इसे एक सींग वाला गैंडा और प्रसिद्ध भारतीय गैंडा भी कहा जाता है, यह गैंडा भारतीय उपमहाद्वीपों का मूल निवासी है
  • इसे आईयूसीएन लाल सूची में असुरक्षित के रूप में सूचीबद्ध किया गया है

असम में हर वर्ष बाढ़ क्यों आती है?

  • उदहारण के लिए, असम डेल्टा क्षेत्र की अपनी भौगोलिक निकटता और ख़राब सामजिक-आर्थिक स्थिति, दोनों के ही कारण जलवायु परिवर्तन के प्रति अतिसंवेदनशील है
  • इस प्रकार की समस्याएँ तब परिलक्षित होती हैं जब वहाँ को लोगों को जलवायु से उत्पन्न बाढ़ जैसी अति कष्टदायी समस्याओं का सामना करना पड़ता है,
  • इस राज्य की विशेषता इसकी अधिक वर्षा और इसका उपोष्णकटिबंधीय पर्यावरण है|
  • यहाँ वार्षिक बाढ़ आती है और बार-बार सूखा पड़ता है, दोनों की तीव्रता प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों के कारण बढती जा रही है।

असम सरकार द्वारा उठाए गए कदम:

  • असम में ब्रह्मपुत्र सहित सभी नदियों को जगह-जगह तटबंधित किया गया है।
  • मॉनसून के दौरान, असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(एएसडीएमए) और गैर-सरकारी संगठन ऊपरी क्षेत्रों में शुष्क भूमि की पहचान करते हैं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए आश्रय का आयोजन करते हैं।

 बाढ़ प्रबंधन:

  • बाढ़ प्रबंधन, बाढ़ पर नियंत्रण या बाढ़ का पूर्ण विलोपन या बाढ़ से पूर्ण प्रतिरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य नहीं रखता
  • यह एक बहुआयामी रणनीति है, जिसमे बाढ़ को रूपांतरित करने के संरचनात्मक उपायों से लेकर अन्य गैर-संरचनात्मक उपायों के माध्यम से बाढ़ के साथ जीवनयापन सीखने की व्यवस्था तक है जो बाढ़ प्रबंधन में व्यावहारिक यथार्थवाद है।
  • एक कुशल बाढ़ प्रबंधन जल प्रबंध का एक विशेष मुद्दा है और इसके लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता है क्योंकि इसमें जलग्रहण और बाढ़ प्रवण दोनों क्षेत्रों में हजारों सूक्ष्म-जलविभाजानो (micro-watersheds) का प्रबंधन शामिल है।

अतिरिक्त संदर्भ : https://youtu.be/h2kAfeaD0sU