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Prelims bits

प्रीलिम्स बिट्स (तीसरा सप्ताह)

पर्यावरण और पारिस्थितिकी:

मेघमलाई में बनेगा भारत का 51वाँ टाइगर रिज़र्व

  • संदर्भ: देश का 51 वां टाइगर रिजर्व केरल-तमिलनाडु सीमा पर मेघमलाई में आएगा। यह वन क्षेत्र केरल में पेरियार टाइगर रिजर्व की निरंतरता है।
  • के बारे में: यह नया बाघ अभयारण्य, मेघमलाई वन्यजीव अभयारण्य और श्रीविल्लिपुथुर ग्रिजल्ड गिलहरी वन्यजीव अभयारण्य को मिलाकर बनाया गया है। वन विभाग ने इलाके में 14 बाघों की मौजूदगी पाई है। नए टाइगर रिजर्व के खुलने से तमिलनाडु को वन्यजीव पर्यटन में नये अवसर मिलेंगे।
  • मेघमलाई थेनी और मदुरई जिलों में स्थित है। नया टाइगर रिजर्व 1016.57 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में स्थित है जो केरल के साथ सीमा साझा करता है। इस बीच, 641.86 वर्ग किलोमीटर रिजर्व का मुख्य क्षेत्र है और 374.70 वर्ग किलोमीटर इसका बफर क्षेत्र है।

भारत में एक सींग वाले गेंडा के संरक्षण का प्रयासग्रेटर वन हॉर्न्ड राइनो के बारे में तथ्य

  • संदर्भ: भारत में एक सींग वाले गेंडा के संरक्षण में किये गये प्रयास
  • के बारे में: एक सींग वाले गैंडे आज जिस सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहे हैं वह है मानव उत्पीड़न और अतिक्रमण।
  • सदियों से, गैंडों का शिकार खेल और उनके सींग के लिए किया जाता रहा है। 19 वीं शताब्दी की शुरुआत में, एक सींग वाले गैंडों का विलुप्त होने की कगार तक शिकार किया गया था।
  • शेष जानवर केवल संरक्षित रिजर्व में ही पाये जाते हैं, जहां, कुछ संगठनों की निगरानी में, इनकी आबादी को वर्तमान में विलुप्त होने की कगार से वापस लाया जा रहा है।
  • भारतीय और नेपाली वन्यजीव अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की गई सख्त सुरक्षा के परिणामस्वरूप, एक सींग वाले गैंडों की संख्या पिछली सदी में 200 से आज लगभग 3,580 हो गई है। हालांकि, अवैध शिकार बड़े पैमाने पर होता रहा है, लेकिन भारत और नेपाल में संरक्षण प्रयासों के प्रति निरंतरता और बढ़े हुए समर्थन के बिना सफलता अनिश्चित है।

राजव्यवस्था:

भारतीय संसद में प्रस्तानों के प्रकारमौलिक प्रस्ताव, वैकल्पिक प्रस्ताव, सहायक प्रस्ताव

  • प्रसंग: संसद में प्रस्ताव
  • के बारे में: प्रस्ताव और संकल्प, सामान्य सार्वजनिक हित के मामलों पर सदन में चर्चा बढ़ाने के लिए उपयोग किये जाने वाले प्रक्रियात्मक उपकरण हैं। प्रस्तावों को निम्नलिखित श्रेणियों के अंतर्गत वर्गीकृत किया जा सकता है, अर्थात्:
  • मौलिक प्रस्तावएक मौलिक प्रस्ताव एक स्व-निहित, स्वतंत्र प्रस्ताव है जो सदन की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाता है और इसे इस तरह से प्रारूपित किया जाता है, ताकि सदन के किसी निर्णय को व्यक्त करने में यह सक्षम हो, जैसे- सभी संकल्प प्रस्ताव हैं।
  • वैकल्पिक प्रस्तावकिसी नीति, स्थिति, कथन या किसी अन्य मामले को ध्यान में रखते हुए मूल प्रस्ताव को प्रतिस्थापित करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किये गये प्रस्ताव वैकल्पिक प्रस्ताव कहलाते हैं।
  • सहायक प्रस्तावये अन्य प्रस्तावों पर निर्भर होते हैं या उनसे संबंधित होते हैं या सदन में कुछ कार्यवाहियों पर आधारित होते हैं। उनका अपना कोई अर्थ नहीं होता है और वे मूल प्रस्ताव या सदन की कार्रवाई के संदर्भ के बिना सदन के निर्णय को बताने में सक्षम नहीं होते हैं।

अर्थव्यवस्था:

RBI मुद्रा रणनीतिभारत में क्यों रही विदेशी धन की बाढ़?

  • संदर्भ: RBI की मुद्रा रणनीति
  • के बारे में: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इसके अपने कुछ ‘मुद्रा हस्तक्षेपों को फॉर्वर्ड्स बाजार में स्थानांतरित करने की रणनीति ही RBI के लिए समस्याएँ बढ़ा रही है।
  • भारी विदेशी आवक के बीच रुपये को स्थिर रखने के लिए, इसका संतुलन बनाने वाला कृत्य, अतिरिक्त तरलता को नियंत्रण में रखने के साथ-साथ बाजार में अधिक विदेशी निधियों की बाढ़ ला रहा है जो हस्तक्षेपों के एक दुष्चक्र को बढ़ावा दे रहा है।
  • RBI के संचालन की सीमा को उजागर करते हुए इसकी बकाया फॉर्वर्ड्स बुक, वित्त वर्ष 2019-20 में नकारात्मक $ 4.9 बिलियन से बढ़कर नवंबर में 28.3 बिलियन डॉलर हो गई।
  • इसने 12 महीने की निहित प्राप्ति को आगे बढ़ाया है, जो आमतौर पर भारत और अमेरिका के बीच ब्याज दर के अंतर को दर्शाता है। यह चार साल से अधिक के इस समय में सबसे अधिक रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आने वाले समय में अधिक आवक (इनफ्लो) होंगे।
  • RBI का मुद्रा हस्तक्षेप इस तरह से काम करता है – यह रुपये में तीव्र लाभ को रोकने के लिए स्पॉट मार्केट बाजार में डॉलर खरीदता है।
  • इसके बाद तरलता प्रभाव की शुरूआत के लिए इन डॉलर को फॉरवर्ड्स मार्केट में बेच देता है।
  • मुद्रा बाजारों में, स्पॉट दर, जैसा कि ज्यादातर बाजारों में होता है, तत्काल विनिमय दर को संदर्भित करती है।
  • वहीं दूसरी ओर फॉर्वर्ड दर, भविष्य के विनिमय दर को संदर्भित करती है जिनपर फॉर्वर्ड अनुबंधों में सहमत हुआ जाता है।
  • उदाहरण के लिए, यदि एक भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता को एक वर्ष में अमेरिका में भेजे जाने का एक बड़ा ऑर्डर है, और उस समय तक अमेरिकी डॉलर के बहुत अधिक कमजोर होने की उम्मीद है, तो यह एक अधिक अनुकूल विनिमय दर सुनिश्चित करने के लिए वह करेंसी फॉर्वर्ड में लेनदेन कर सकता है।
  • ज्यादा फंड रहा है तो समस्या क्या है?
    • सबसे पहले ये उत्पादक फंड नहीं हैं और अल्पावधि के लिए यहाँ हैं।
    • दूसरा, प्राप्ति में वृद्धि से ब्याज दर में वृद्धि होगी जो विकास के लिए अच्छा नहीं है।

भूगोल:

आंध्र प्रदेशओडिशा सीमा विवादआंध्रओडिशा अंतरराज्य सीमा का इतिहास

  • संदर्भ: 21 सीमावर्ती गांवों पर आंध्र प्रदेश-ओडिशा विवाद।
  • के बारे में: आंध्र प्रदेश ने कोटिया क्लस्टर में तीन गांवों में पंचायत चुनाव आयोजित कराए हैं, जो आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच विवाद के केंद्र में है।
  • ओडिशा को 1 अप्रैल, 1936 को बंगाल-बिहार-ओडिशा प्रांत से निकाला गया था, लेकिन अंतर-राज्य सीमा विवाद आज भी जारी है।
  • ओडिशा में 30 में से 8 जिलों में चार पड़ोसी राज्यों के साथ अनसुलझे सीमा विवाद जारी हैं।
  • 30 में से 14 जिले आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड के साथ सीमाएँ साझा करते हैं। हालाँकि, आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे कोरापुट जिले के कोटिया गाँवों पर विवाद एकमात्र प्रमुख सीमा संघर्ष है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी:

HOPE मंगल मिशनयूएई मंगल की कक्षा में प्रवेश करने वाला दुनिया का 5 वाँ देश बन गया – HOPE के बारे में तथ्य

  • संदर्भ: UAE के HOPE मिशन ने रचा इतिहास, किया मंगल की कक्षा में प्रवेश।
  • के बारे में: संयुक्त अरब अमीरात मंगल पर अपने पहला मिशन की सफलता मना रहा है।
  • इसने ग्रह के चारों ओर कक्षा में HOPE नामक एक मिशन तैनात किया है, जिससे यह अमेरिका, सोवियत संघ, यूरोप और भारत के बाद ऐसा करने वाला केवल पांचवां देश बन गया है।
  • क्या है HOPE मिशन?
    • यूएई के वैज्ञानिकों द्वारा अमेरिका में HOPE का विकास किया गया था।
    • इसे जुलाई 2020 में जापान के तनेगाशिमा स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था, जो कि मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज का H-II रॉकेट है और इस प्रक्षेपण के साथ यह H-II A के लिए 45वां प्रक्षेपण था।
    • एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा और एक स्पेक्ट्रोमीटर सहित तीन उपकरणों को ले जाने वाला यह अंतरिक्ष यान एक कक्षीय अभियान पर है, जो मार्टियन पर्यावरण की गतिशीलता पर डेटा एकत्र करेगा। यह वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेगा कि अंतरिक्ष में मंगल का वायुमंडल क्यों सड़ रहा है।
    • HOPE UAE का चौथा अंतरिक्ष मिशन और पहला इंटरप्लेनेटरी मिशन है। पिछले तीन मिशन पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह थे।
    • एक बार यदि यह ग्रह तक पहुंचने में सफल हो जाता है, तो यह ग्रह की परिक्रमा शुरू कर देगा। इसका समग्र मिशन काल एक मार्टियन वर्ष है, जो पृथ्वी पर लगभग 687 दिन है।
    • यह मिशन जुलाई में पृथ्वी से मंगल पर लॉन्च किए गए तीन मिशनों में से एक है। अन्य दो – चीन का तियानवेन -1 दोहरा ऑर्बिटर-रोवर; और नासा का प्रिज़र्वरेंस।
  • मिशन का उद्देश्य क्या है?
    • मिशन का प्राथमिक उद्देश्य मार्टियन मौसम की गतिशीलता का अध्ययन करना है।
    • निचले वायुमंडल और ऊपरी वायुमंडल की स्थितियों को सहसंबंधित करके, जांच में देखा जायगा कि मौसम कैसे अंतरिक्ष में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के पलायन को बदलता है।
    • यह मापकर कि अंतरिक्ष में कितना हाइड्रोजन और ऑक्सीजन फैल रहा है, वैज्ञानिक इस बात पर गौर कर पाएंगे कि मंगल ने अपने शुरुआती वायुमंडल और तरल पानी का इतना नुकसान कैसे किया।
  • मंगल पर पैर रखने को तैयार
    • किसी भी मानव ने अभी तक मंगल ग्रह पर पैर नहीं रखा है क्योंकि मंगल पर वायुमंडल बहुत पतला है, जिसमें ज्यादातर कार्बन-डाई-ऑक्साइड है, और सांस लेने वाली ऑक्सीजन नहीं है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए वहां जीवित रहना मुश्किल हो जाता है।
    • इसके अलावा, मंगल का परिदृश्य ठंडा है और सूर्य के विकिरण या धूल भरे तूफानों से कोई सुरक्षा नहीं है।
    • इसलिए, मंगल ग्रह पर मनुष्यों को भेजने में सक्षम होने के लिए अधिक शोध, प्रौद्योगिकी और परीक्षण की आवश्यकता है। नासा की योजना 2030 तक ऐसा करने की है।

ISRO और MapmyIndia ने आत्मनिर्भर मैपिंग सेवा प्रदान करने के लिए मिलाया हाथगूगल अर्थ (Google Earth) के लिए कड़ी प्रतिद्वन्द्विता:

  • प्रसंग: ISRO और मैप माई इंडिया ने गूगल अर्थ को टक्कर देने के लिए मिलाया हाथ।
  • के बारे में: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और (स्थान और नेविगेशन प्रौद्योगिकी समाधान प्रदाता) MapmyIndia ने भारत की सबसे अच्छी और पूरी तरह से स्वदेशी मैपिंग पोर्टल और भू-स्थानिक सेवाओं की पेशकश करने के लिए एक साथ एक पहल की घोषणा की।
  • यह इसरो की उपग्रह इमेजरी और पृथ्वी अवलोकन डेटा की सूची के साथ मैपमाईइंडिया के डिजिटल मानचित्रों और प्रौद्योगिकियों की शक्ति को जोड़ेगा।
  • अंतरिक्ष विभाग ने मैपमाईइंडिया के मूल CEO इन्फो सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • इसरो के मुख्यालय के अनुसार, साझेदारी के तहत DoS और CE इंफो सिस्टम्स की संयुक्त भू-स्थानिक विशेषज्ञता का उपयोग उनके संबंधित जियो-पोर्टलों के माध्यम से किया जायगा।
  • सहयोग उन्हें संयुक्त रूप से पृथ्वी अवलोकन डेटासेट, ‘नेवीआईसी’, वेब सेवाओं और मैपमाईइंडिया, ‘भुवन’, ‘VEDAS’ और ‘MOSDAC’ जियोफोर्टल्स में उपलब्ध APIs (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस) का उपयोग करते हुए समग्र भू-स्थानिक समाधानों की पहचान करने और निर्माण करने में सक्षम करेगा।

अंतर्राष्ट्रीय संबंध:

रूस और जर्मनी के बीच नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइननॉर्ड स्ट्रीम 2 विवादास्पद क्यों है?

  • संदर्भ: 2015 में, गैज़प्रॉम और 5 अन्य यूरोपीय ऊर्जा फर्मों ने नॉर्ड स्ट्रीम 2 का निर्माण करने का निर्णय लिया, जिसकी कीमत लगभग 11 बिलियन डॉलर थी।
  • के बारे में: 1,200 किमी पाइपलाइन रूस में उस्त-लूगा से जर्मनी में ग्रीफ्सवाल्ड तक बिछायी जायगी और प्रति वर्ष 55 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस का परिवहन करेगी।
  • निर्माणाधीन पाइपलाइन पहले से ही पूर्ण हो चुकी नॉर्ड स्ट्रीम 1 प्रणाली के साथ बिछायी जायगी, और दोनों मिलकर प्रति वर्ष जर्मनी को 110 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस की आपूर्ति करेंगे।
  • नॉर्ड स्ट्रीम 2 ने अमेरिका की आलोचना की है, जहां डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों का मानना है कि इस परियोजना से प्राकृतिक गैस के लिए रूस पर यूरोप की निर्भरता बढ़ जायगी, इस प्रकार राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ताकत बढ़ जायगी।
  • वर्तमान में, यूरोपीय संघ के देश अपनी गैस की 40% जरूरतों के लिए पहले से ही रूस पर निर्भर हैं। रूस और यूरोप के बीच एक मौजूदा भूमि पाइपलाइन है जो यूक्रेन से होकर गुजरती है। यूक्रेन का मानना है कि एक बार नॉर्ड स्टॉर्म 2 के पूरा होने के बाद, रूस यूक्रेनी पाइपलाइन को बायपास कर सकता है, और देश को आकर्षक पारगमन शुल्क से वंचित कर सकता है।

सुरक्षा:

राष्ट्रविरोधी पोस्ट्स का सामना करेंगे साइबर क्राइम स्वयंसेवक, भारतीय साइबरक्राइम समन्वय केंद्र परियोजना

  • संदर्भ: सरकार ‘राष्ट्र-विरोधी’ पोस्ट्स के लिए साइबर स्वयंसेवक शुरू किया है।
  • के बारे में: एक विवादास्पद कदम में, गृह मंत्रालय (MHA) के साइबर क्राइम सेल ने एक नया कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत नागरिक, स्वयंसेवकों के रूप में बाल पोर्नोग्राफी, दुष्कर्म सहित अवैध सामग्री और आतंकवाद, कट्टरता और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर गैरकानूनी सामग्री की पहचान कर, फ्लैग कर उसे सरकार को रिपोर्टकर इसमें भाग ले सकते हैं।
  • इस कार्यक्रम के तहत, MHA का भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) एक नोडल बिंदु के रूप में कार्य करेगा, जबकि स्वयंसेवक साइबर स्वयंसेवकों के रूप में कार्य करने के लिए अपने राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों के साथ खुद को पंजीकृत कर सकते हैं।
  • स्वयंसेवकों को व्यक्तिगत विवरण प्रस्तुत करने की आवश्यकता होगी, जिसमें नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल पता शामिल है, हालांकि इन्हें अलग से सत्यापित नहीं किया जायगा।
  • एमएचए का पोर्टल, जहां कोई साइबर क्राइम स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कर सकता है, निर्दिष्ट करता है कि जो लोग पंजीकरण करते हैं, वे किसी व्यावसायिक लाभ के लिए इस कार्यक्रम का उपयोग नहीं कर सकते हैं या अपने एसोसिएशन के बारे में कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं कर सकते हैं।
  • स्वयंसेवकों को किसी भी सार्वजनिक मंच पर “MHA के साथ नाम का दावा करने या इसके साथ अपने संबंध उपयोग करने से भी प्रतिबंधित” किया जाता है।
  • नागरिक साइबर जागरूकता प्रमोटरों के रूप में भी पंजीकरण कर सकते हैं, जिसके तहत वे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले “कमजोर” समूहों में साइबर अपराध के बारे में जानकारी का प्रसार करेंगे।
  • साइबर क्राइम विभाग साइबर विशेषज्ञों से स्वैच्छिक आधार पर आवेदन भी मांग रहा है, जो सरकार को मैलवेयर और मेमोरी विश्लेषण के साथ-साथ क्रिप्टोग्राफी में भी मदद कर सकता है।
  • सरकार के पास अभी तक कोई स्पष्ट कानूनी ढांचा नहीं है जिसमें राष्ट्र विरोधी सामग्री या गतिविधि को परिभाषित किया गया हो। सरकार अक्सर देश विरोधी गतिविधियों के आरोपियों को हिरासत में लेने या जेल करने के लिए गैरकानूनी गतिविधी (रोकथाम) अधिनियम (UPA) के तहत प्रावधानों का उपयोग करती है।
  • साइबर अपराध विशेषज्ञ
    • इस अधिसूचना के कई पहलू हैं।
    • सबसे पहले, सरकार या न्यायपालिका द्वारा राष्ट्र-विरोधी सामग्री या गतिविधि की कोई कानूनी परिभाषा नहीं है। यह एक बड़ा अस्पष्ट क्षेत्र है।
    • दूसरा, लोगों को साथी नागरिकों की रिपोर्ट करने का विकल्प देने से पर्याप्त प्रतिबंध और नियंत्रण के बिना बहुत अधिक शक्ति प्रदान करने जैसा है।
  • जम्मू और कश्मीर और त्रिपुरा: कार्यक्रम को जम्मू और कश्मीर और त्रिपुरा में परीक्षण के आधार पर संचालित किया जाएगा।

PM मोदी ने मेड इन इंडिया अर्जुन बैटल टैंक सेना को समर्पित कियाअर्जुन Mk1A टैंक के बारे में तथ्य

  • संदर्भ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को चेन्नई में एक समारोह में स्वदेशी रूप से विकसित अर्जुन मेन बैटल टैंक (MK-1A) भारतीय सेना को सौंपा।
  • के बारे में: सेना को मेन बैटल टैंक की 118 इकाइयाँ मिलेंगी, जिन्हें स्वदेशी रूप से अभिकल्पित, विकसित और निर्मित किया गया है, जिसमें CVRDE और DRDO के साथ-साथ 15 शैक्षणिक संस्थान, आठ लैब और कई MSMEs शामिल हैं।
  • अर्जुन मेन बैटल टैंक परियोजना की शुरुआत 1972 में DRDO ने कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (CVRDE) के साथ अपनी मुख्य प्रयोगशाला के रूप में की थी।
  • इसका उद्देश्य “बेहतर फायर करने की शक्ति, उच्च गतिशीलता और उत्कृष्ट सुरक्षा के साथ अत्याधुनिक टैंक” बनाना था।
  • विकास के दौरान, CVRDE ने इंजन, ट्रांसमिशन, हाइड्रो-न्यूमेटिक सस्पेंशन, हल और टर्रेट (hull and turret) के साथ-साथ गन कंट्रोल सिस्टम में भी सफलता हासिल की थी।
  • 1996 में तमिलनाडु के अवडी में भारतीय आयुध फैक्ट्री की उत्पादन सुविधा में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हुआ।
  • अर्जुन टैंक ‘फिन स्टैबलाइज्ड आर्मर पियर्सिंग डिस्चार्जिंग फॉर सबोट’ (FSAPDS) गोला-बारूद और 120-mm कैलिबर वाली राइफल्ड गन के कारण विशिष्ट है।
  • इसमें स्थिर नियंत्रण के साथ एक कंप्यूटर-नियंत्रित एकीकृत अग्नि नियंत्रण प्रणाली भी है जो सभी प्रकाश स्थितियों में काम करती है।
  • द्वितीयक हथियारों में विरोधी कर्मियों के लिए एक समाक्षीय62-mm मशीन गन और विमान-रोधी व जमीनी लक्ष्य के लिए 12.7-mm मशीन गन शामिल हैं।
  • 2010 में सेना द्वारा आयोजित एक रेगिस्तान परीक्षण के दौरान अर्जुन MBT ने रूसी T-90 को पीछे छोड़ दिया।
  • इसके साथ भारत दुनिया भर के उन 10 देशों की लीग में शामिल हो गया, जिन्होंने अपना खुद का एमबीटी अभिकल्पित और विकसित किया है।
  • जिन अन्य देशों ने अपने स्वयं के एमबीटी को डिजाइन और विकसित किया है, वे यूके, फ्रांस, जर्मनी, यूएसए, इजरायल, दक्षिण कोरिया, रूस, जापान और चीन हैं।
  • एमके -1 ए संस्करण में पहले संस्करण की तुलना में 14 प्रमुख उन्नयन हैं।
  • माना जा रहा है कि यह डिजाइन के अनुसार मिसाइल फायरिंग क्षमता भी रखता है, लेकिन इस सुविधा को बाद में जोड़ा जाएगा क्योंकि क्षमता का अंतिम परीक्षण अभी जारी है।

भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल को मिला HAL ध्रुव एमके IIIहै – HAL ध्रुव Mk III के बारे में तथ्य

  • संदर्भ: HAL ध्रुव एक उपयोगिता हेलीकाप्टर है। इसे एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) के नाम से भी जाना जाता है, यह नाम संस्कृत मूल शब्द ध्रुव से आया है जिसका अर्थ है अटल या दृढ़।
  • के बारे में: SHAKTI इंजन (DHRUV MK-III और MK-IV के लिए)
    • TM 333 2B2 इंजन दोहरे केन्द्रापसारक कंप्रेसर असेंबली एकल क्रिस्टल ब्लेड दोहरे चैनल FADEC (पूर्ण अधिकार डिजिटल नियंत्रण नियंत्रण) की तुलना में 12% अधिक शक्तिशाली।
  • 200 से अधिक ध्रुव भारतीय रक्षा बलों के साथ काम कर रहे हैं। ध्रुव की नेपाल सेना और मॉरीशस पुलिस, मालदीव को भी आपूर्ति की गई है।
  • ध्रुव का संचालन ONGC, जीएसआई, झारखंड सरकार और पैरा-मिलिट्री फोर्स (बीएसएफ) जैसे सिविल ग्राहकों द्वारा भी किया जा रहा है।
  • HAL और नौसेना अनुबंध
    • HAL ने नौसेना को 16 ALH Mk III वितरित करने के लिए अनुबंध किया है।
    • HAL ने मौजूदा एरो कॉन्ट्रैक्ट 2021 के 16 ALH के अनुबंध के हिस्से के रूप में भारतीय नौसेना को तीन उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर (ALH MkIII) और भारतीय कोस्ट गार्ड को 2 ALH सौंप दिये हैं।

सरकारी योजनाएँ और पहल:

बन पर्सन कंपनियां क्या हैं? सरकार ने आसान किये वन पर्सन कंपनियों के लिए मानदंड

  • संदर्भ: 1-पर्सन कंपनियां क्या हैं? सरकार ने दी नियमों में ढील।
  • के बारे में: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वन-पर्सन कंपनियों (OPC) की स्थापना के मानदंडों को आसान बनाने के उपायों की घोषणा की
  • एफएम ने कहा कि वह कदम जो OPC को पेड-अप कैपिटल और टर्नओवर पर किसी भी प्रतिबंध के बिना बढ़ने की अनुमति देता है, सीधे स्टार्ट-अप और इनोवेटर्स को लाभ पहुंचाता है।
  • क्या है वन पर्सन कंपनी?
    • जैसा कि नाम से पता चलता है, एक-व्यक्ति कंपनी एक कंपनी है जिसे केवल एक व्यक्ति द्वारा शेयरधारक के रूप में स्थापित किया जा सकता है। इन कंपनियों को निजी कंपनियों के साथ विपरीत किया जा सकता है, जिन्हें संचालित होने के लिए न्यूनतम दो सदस्यों की आवश्यकता होती है।
    • हालांकि, सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए, ये निजी कंपनियों की तरह हैं। ऐसा नहीं है कि एक अवधारणा के रूप में ओपीसी की शुरुआत से पहले व्यवसाय में आकांक्षाओं वाले व्यक्ति के लिए कोई गुंजाइश नहीं थी।
    • एक व्यक्ति के रूप में, एक व्यक्ति एकमात्र स्वामित्व मोड के माध्यम से व्यवसाय में आ सकता है, और यह एक रास्ता है जो अभी भी उपलब्ध है।
  • हमें ऐसी कंपनियों की आवश्यकता क्यों है?
    • एक एकल-व्यक्ति कंपनी और एकमात्र स्वामित्व को कानून की दृष्टि में काफी भिन्न माना जाता है।
    • ओपीसी के लिए, व्यक्ति और कंपनी को अलग-अलग कानूनी संस्थाएं माना जाता है। वहीं एकमात्र स्वामित्व में, मालिक और व्यवसाय को समान माना जाता है।

विविध:

INS विराट की तोड़फोड़ पर सुप्रीम कोर्ट ने लगायी रोकअलांग शिप ब्रेकिंग यार्ड पर इसका प्रभाव

  • संदर्भ: INS विराट और इसे एक संग्रहालय में परिवर्तित करना।
  • के बारे में: मेसर्स एनविटेक मरीन कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, जो INS विराट को खरीदना चाहता है और इसे एक संग्रहालय में बदलना चाहता है, द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता में एक बेंच ने कहा, इस बीच, पार्टियों को तिथि के अनुसार, INS विराट के रूप में जाना जाने वाले जहाज को तोड़ने के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के लिए निर्देशित किया जाता है।
  • श्री राम ग्रुप के अनुसार, विमान वाहक का 40 प्रतिशत पहले ही नष्ट हो चुका था। INS विराट 28 सितंबर, 2020 को मुंबई से अलांग पहुंचा था।
  • उसी प्लॉट (नंबर 9) पर आयोजित एक औपचारिक समारोह में जहां विमानवाहक पोत को तोड़ा जाएगा, केंद्रीय नौवहन मंत्री मनसुख मंडाविया और रियर एडमिरल पुरुवीर दास, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, गुजरात नेवल एरिया ने जहाज के लिए बोली लगाई थी।