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अमेरिका में मौत की सजा बहाल

USA reinstate death penalty

उल्लेख: GS2 || अंतर्राष्ट्रीय संबंध || भारत और बाकी दुनिया || अमेरीका

चर्चा में क्यों?

  • अमेरिकी सरकार ने कहा है कि वे मृत्युदंड के इस्तेमाल को फिर से शुरू करेगी। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने अपने मृत्युदंड को फिर से बहाल करने के लिए यह प्रस्ताव संघीय स्तर को भेजा है।
  • आखिरी बार एक संघीय कैदी को 2003 में मृत्युदंड की सजा मिली थी।

पृष्ठभूमि :

  • वर्तमान में, फ्लोरिडा और टेक्सास सहित 25 राज्यों में मृत्युदंड है, जबकि 21 राज्य, न्यूयॉर्क और इलिनोइस सहित, इसे समाप्त कर दिया है।
  • 1988 में मौत की सजा को बहाल करने के बाद संघीय स्तर पर मौत की सजा कानूनी हो गई थी, लेकिन सरकार ने इसे लागू करने की इच्छी नहीं जताई।
  • 1988 और 2003 के बीच केवल तीन दोषियों को फांसी की सजा दी थी।

भारत में मृत्युदंड की सजा:

  • भारत में 1991 से लेकर अब तक कुल 26 दोषियों को मौत की सजा मिली है।
  • स्वतंत्र भारत में पहली फांसी नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को मिली थी।
  • आखिरी फांसी 2015 में याकूब मेमन की थी, जिसे 1993 के मुंबई बम विस्फोटों का दोषी ठहराया गया था।
  • दिसंबर 2007 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के खिलाफ मौत की सजा पर रोक लगाने के खिलाफ मतदान किया।
  • नवंबर 2012 में भारत ने फिर से संयुक्त राष्ट्र महासभा के खिलाफ मतदान करके मृत्युदंड पर अपना रुख बरकरार रखा।
  • 2015 में, भारत के विधि आयोग ने सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी जिसने भारत में सभी अपराधों के लिए मृत्युदंड को समाप्त करने की सिफारिश की।

राष्ट्रपति की क्षमा शक्ति:

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 72 (1) में कहा गया है: राष्ट्रपति के पास क्षमा करने, दंडित करने, राहत देने या सजा देने या किसी भी अपराध के दोषी, किसी भी व्यक्ति की सजा को निलंबित करने, हटाने या रद्द करने की शक्ति होगी।

मृत्यु दंड के लिए तर्क:

  • न्याय के लिए- मृत्युदंड सबसे जघन्य अपराधों के लिए बना है, जैसे कि हत्या। मृत्युदंड पर तर्क दिया जाता है कि क्यों एक हत्यारे को उसकी बाकि जिंदगी के हिस्सों को जनता और बाकी रिश्तेदारों के साथ आराम से रहने की अनुमति दी जानी चाहिए?

निंदा के लिए- मृत्युदंड से अन्यों की जान बचती है।

  • संसाधनों की बचत के लिए- मृत्युदंड के अपराधी को जीवन भर जेल में रखने से कम संसाधन की आवश्यकता होती है। हत्या करने वाले समाज के दरिंदे हैं और समाज के पास उन दरिंदों को रखने के लिए कोई नैतिक कारण नहीं होना चाहिए।
  • बंद करने के लिए- एक अपराधी को मृत्युदंड उसके पीड़ित परिवार को अपने आरोपी से छुटकारा दिलाने का सबसे सही तरीका है। वे आखिरकार उनके पीछे अपराधों को भूलाकर आगे बढ़ सकते हैं, यह जानते हुए कि उस व्यक्ति की कोई संभावना नहीं है जो अपने प्रियजन को कभी भी जेल से छोड़ कर और मुक्त होकर चले।

मौत की सजा के खिलाफ तर्क:

न्याय से छेड़छाड़- आप हर किसी फांसी की सजा नहीं दे सकते। अगर किसी को गलत तरीके से कैद किया जाता है, तो उन्हें कम से कम रिहा किया जा सकता है और राज्य द्वारा मुआवजा दिया जा सकता है।

अवरोध- स्टेटिकल एविडेंस इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं कि इसमें कोई अवरोध काम करता है। कुछ जघन्य अपराध भावनात्मक स्थिति में किए जाते हैं जिसके बारे में अपराधी संभावित परिणामों के बारे में सोचता तक नहीं है।

राज्य को बहुत अधिक शक्ति- 2016 में जिन तीन देशों ने सबसे ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतारा, वे चीन, ईरान और सऊदी अरब थे। इसमें एक वजह यह भी दिखती है कि सत्तावादी शासन तानाशाही होती है और वे राज्य को नियंत्रण का अंतिम रूप मानती है।

हत्या गलत है– किसी भी मानव जीवन को खत्म करना अनैतिक है, चाहे वह अपराध हो या ‘न्याय’ के नाम पर हो। सभी को जीवन जीने का अधिकार कानून द्वारा संरक्षित किया जाना चाहिए, जिसमें अपराधी भी शामिल हैं।