Magazine

English Hindi

Index

International Relations

Science & Technology

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में बच्चों की सुरक्षा

Protecting Children in the age of Artificial Intelligence

प्रासंगिकता:

जीएस 3 || विज्ञान और प्रौद्योगिकी || चौथी औद्योगिक क्रांति || कृत्रिम बुद्धिमत्ता

सुर्खियोंं में क्यों?

आज के बच्चों और किशोरों का एक ऐसी दुनिया में जन्म हुआ है जिस पर आभासी वास्तविकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का गहरा प्रभाव है।

वर्तमान प्रसंग:

  • विश्व, अब इतिहास में पहली “एआई” पीढ़ी में रह रहा है। बच्चे और किशोर आज जिस युग में जन्म ले रहे हैं वह आभासी वास्तविकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वर्चस्व वाली दुनिया है, एलेक्सा (जिससे वे बातें करते हैं) से लेकर रोबोट प्लेमेट्स, यूट्यूब तक वे जिसमें गायब हो रहे हैं, वो सब एआई है।
  • एआई न केवल उसे बदल रहा है जो मनुष्य कर रहा है, बल्कि यह हमारे दृष्टिकोण, इच्छाओं और व्यवहारों को भी प्रभावित कर रहा है।

AI युग में बच्चों के लिए अवसर:

  • वैश्विक महामारी के दौरान शिक्षा प्रदान करना: AI को बच्चों की जरूरतों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में शानदार तरीकों से उपयोग किया जा सकता है जैसे- बच्चों की जरूरतों के लिए शैक्षणिक विधियों जैसे कि स्मार्ट ट्यूशन प्रोग्राम, व्यक्तिगत पाठ्यक्रम योजना और कल्पनाशील आभासी वास्तविकता शिक्षण आदि के माध्यम से। यह समृद्ध और आकर्षक परस्पर सीखने के अवसर प्रदान करता है जो छात्रों को बेहतर शैक्षिक परिणाम प्राप्त करने में मदद कर सकता है।
  • संज्ञानात्मक समर्थन: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक हमारी प्राकृतिक बुद्धिमत्ता और कौशल में वृद्धि करेगी, जिससे हम ज्ञान को अधिक तेज़ी से प्राप्त कर सकेंगे और अपनी विभिन्न व्यक्तिगत और व्यावसायिक भूमिकाओं में अधिक सफल होंगे।
  • पहुंच सक्षम करना: यह वर्चुअल असिस्टेंट, रोबोट उपकरण, स्मार्ट ऐप और अन्य तकनीकों को संचालित करता है जो दिव्यांगों को जानकारी तक पहुंच बनाने में सक्षम बनाता है।
  • अनुकूली एआई की शक्ति: AI जितना किसी व्यक्ति की जरूरतों, अर्थ, इच्छाओं और लक्ष्यों के अनुकूलन में बेहतर होगा, यह उतना ही बेहतर होगा। अनुकूली AI के दूरगामी परिणाम होते हैं, और निम्नलिखित संभावनाओं से संबंधित दरवाजे खुलते हैं:
  • व्यक्तिगत शिक्षण उपकरण: इसमें शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए शैक्षिक परिणामों को बढ़ाने की क्षमता है।
  • अधिक उन्नत और उत्पादक आपूर्ति-मांग मिलान की सुविधा: यह नौकरी के अवसरों, संसाधन साझा करने, दीर्घकालिक नौकरियों और नेटवर्किंग के अन्य तरीकों तक पहुंच बढ़ाने में मदद करता है जो हमें कचरे को कम करने और अवसर के अनुकूलन में सहायक होता है।
  • बिग डेटा अंतर्दृष्टि: यह केवल डेटा की विशाल मात्रा से लाभान्वित हो सकता है जो अब सुलभ हैं यदि हम उन्हें व्यावहारिक अंतर्दृष्टि में वितरित कर सकें तो। AI ने न केवल डेटा एकत्र करने, बल्कि बेहतर रुझानों को समझने, लोगों की जरूरतों का आकलन करने और लगभग हर उद्योग में बेहतर व्यक्तिगत सेवाएं प्रदान करने के लिए इसका विश्लेषण करने के नए तरीके भी खोले हैं, और इसने हमें अद्वितीय दक्षता और पैमाने के साथ ऐसा करने में मदद की है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में बच्चों के लिए चुनौतियाँ:

  • महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए मशीनों का सशक्तीकरण: AI / मशीन लर्निंग के अनियंत्रित उपयोग से संबंधित एक महत्वपूर्ण जोखिम कि कौन से कार्यक्रमों तक कौन पहुंच बना सकता है, ऐतिहासिक पूर्वाग्रह को समाप्त कर देगा और बच्चों को जीवन में उचित अवसर प्राप्त करने से हतोत्साहित करेगा। यदि इसे अनियंत्रित और गैर-पर्यवेक्षणीय छोड़ दिया जाता है, तो AI तकनीक (जिसका उपयोग छात्र आवेदनों को व्यवस्थित और वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है) अनजाने में सही लेकिन कुछ प्रकार के उम्मीदवारों को व्यवस्थित रूप से बाहर कर सकती है।
  • गोपनीयता, सुरक्षा और स्वरक्षा: बच्चों की गोपनीयता, सुरक्षा और स्वरक्षा के लिए AI के परिणाम लाभ और खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला में फैले हैं, जो अनजाने में होने वाले निजता के उल्लंघन के खतरों की समझ से शुरू होते हैं।
  • बच्चों को तकनीकी रूप से आदी बनाया जा रहा है: कई वीडियो गेम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एआई कार्यक्रमों का उपयोग करते हैं ताकि बच्चों को पूरे समय उनमें संलग्न रख सकें, यह अच्छा नहीं है। इस तरह के मीडिया के बिजनेस मॉडल ने कम उम्र के बच्चों को युवावस्था की शुरुआत से ही नुकसान पहुंचाया है, जिससे वे तकनीकी रूप से आदी हो गए हैं।
  • AI से सभी को होगा फायदा: यूनिसेफ और इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन (ITU) के मुताबिक, दुनिया के दो-तिहाई बच्चों के पास घर में इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। पिछले साल, दिल्ली विश्वविद्यालय के एक युवा ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके माता-पिता घर पर लैपटॉप या स्मार्टफोन नहीं दे सकते थे जिसने भारत में डिजिटल उपलब्धता और अनुपलब्धता पर प्रकाश डाला।
  • संज्ञानात्मक / मनोवैज्ञानिक परिणाम: बच्चों और किशोरों का प्रौद्योगिकी के साथ संपर्क के उभरते तरीकों का उनके शरीर विज्ञान और मनोविज्ञान पर गहरा और भिन्न प्रभाव पड़ता है।
  • आजीविका और गरिमा / स्वचालन: विशेषज्ञों को उम्मीद है कि 2025 तक, रोबोट आज के रोजगार के एक तिहाई हिस्से में मनुष्यों की जगह ले लेंगे। आज के प्राथमिक स्कूल के लगभग 65% छात्र ऐसे पदों पर काम करेंगे जो कल होंगे ही नहीं।

ध्यानाकर्षण की स्वतंत्रता का अधिकार:

  • एल्गोरिदम और विभिन्न गिमिक्स जैसे “स्ट्रीक्स,” “लाइक्स,” अंतहीन स्क्रॉल आदि का उपयोग करके कई वीडियो गेम और सोशल नेटवर्क की AI प्रणालियां बच्चों को आदी बनाने के लिए बनाई गई हैं, यह कहीं से भी अच्छा नहीं है। भले ही यह अंतर्निहित व्यापार मॉडल का एक अनपेक्षित प्रभाव हो, लेकिन नुकसान तो हुआ है: शैशवावस्था से लेकर किशोरावस्था तक, सभी उम्र के बच्चों को डिजिटल रूप से आदी बनाया जा रहा है।
  • इसी तरह, जैसे-जैसे बच्चे और युवा दुनिया के अपने शुरुआती विचारों को विकसित कर रहे हैं, उन्हें वर्चुअल डीप स्पेस में खींचा जा रहा है, जिसमें झूठी खबरों, षड्यंत्र के सिद्धांतों, प्रचार, बोलबाला, ऑनलाइन बुलींग, अभद्र भाषा आदि से उनका दिमाग दूषित किया जा रहा है। AI उन्हें हर क्लिक और स्क्रॉल के साथ भिन्न जनजातियों में वर्गीकृत कर रहा है, और उन्हें विशेष रूप से उनकी पसंद या विकल्पों के अनुकूल जनजातीय व्यंजनों का एक स्थिर आहार खिला रहा है।

अधिकार और सुरक्षा:

  • तो, अनजाने में होने वाले नुकसान और दुरुपयोग को रोकते हुए, हम बच्चों के लिए, AI के अच्छे उपयोग और अपनी चिंताओं में AI की विशिष्ट कमजोरियों के बीच संतुलन कैसे बना सकते हैं?
  • चौथी औद्योगिक क्रांति के अगले चरण में सभी बच्चों को इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए एक ठोस प्रयास करना चाहिए। सरकारें, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज, माता-पिता और बच्चों को यह काम करने के लिए एक साथ आना होगा, इससे पहले कि AI वर्तमान असमानताओं को बढ़ाए और नई चुनौतियां खड़ी करे।
  • हमें सीमित प्रोफाइलिंग और डेटा संग्रह और किसी भी प्रकार के एल्गोरिदम दुरुपयोग से सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण की आवश्यकता है। हमें ऐसे ऑनलाइन संसाधनों (और एक ऑनलाइन संस्कृति) की भी आवश्यकता है जो लत की रोकथाम, ध्यान-निर्माण कौशल को बढ़ावा देने, बच्चों के क्षितिज को व्यापक बनाने, विभिन्न दृष्टिकोणों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और उनकी सामाजिक भावनात्मक सीखने की क्षमताओं को बढ़ाने में सहायता करते हैं।

प्रमुख चरण:

  • लागू होने से पहले AI मूल्यों और नीतियों में बाल अधिकारों को शामिल करना: AI प्रशासन में बच्चों के दृष्टिकोण से सोचने के लिए “मानव-केंद्रित” AI सिद्धांत, शुरू करने के लिए एक अच्छी जगह हैं। चूंकि AI पारिस्थितिकी तंत्र में कई खिलाड़ियों द्वारा नीतियां लागू की जाती हैं, इसलिए AI मूल्य श्रृंखला में बच्चों के अधिकारों पर विचार किया जाना चाहिए।
  • डिजिटल विभाजन को पाटना: चौथी औद्योगिक क्रांति के अगले चरण में सभी बच्चों को इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए एक ठोस प्रयास किया जाना चाहिए। सरकारों, निजी क्षेत्रों, नागरिक समाजों, माता-पिता और बच्चों को यह काम करने के लिए एक साथ आना होगा, इससे पहले कि AI वर्तमान असमानताओं को बढ़ाए और नई चुनौतियां खड़ी करे।
  • AI पारिस्थितिक तंत्र क्षमता निर्माण: बच्चों, माता-पिता / अभिभावकगणों और शिक्षकों सभी को AI प्रणाली और यह लोगों को कैसे प्रभावित करती है, पर स्पष्ट समझ की आवश्यकता है। प्रशिक्षण सामग्री का विकास, सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करना, समर्थन प्रदान करना और क्षमता निर्माण के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराना सभी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
  • ऑनलाइन हानि को कम करने के लिए बहु-आयामी कार्रवाई योजना: कानूनी और तकनीकी सुरक्षा प्रदान करना महत्वपूर्ण है जो माता-पिता, अभिभावक और बच्चे की समझ को बढ़ाएगा कि AI पर्दे के पीछे कैसे काम करता है। सुरक्षित AI ऐप्स के बारे में सूचित निर्णय लेने के लिए, सम्मानित प्रमाणीकरण और रेटिंग प्रणालियों जैसे संसाधन होना महत्वपूर्ण है। अनाम खातों को प्रतिबंधित करना और AI नीति और डिजाइन में गैर-भेदभाव और निष्पक्षता के नैतिक मूल्यों को शामिल करना भी आवश्यक है।

समाधान:

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में, बच्चों में समझ, सहानुभूति और सद्भावना के विविध दृष्टिकोणों, वरीयताओं, विचारों और रीति-रिवाजों के महत्व और उनके प्रति सम्मान को स्थापित करने में मदद करना महत्वपूर्ण है।
  • ऑनलाइन संसाधन (और एक ऑनलाइन संस्कृति) प्रदान करना महत्वपूर्ण है जो नशे की रोकथाम में मदद करता है, ध्यान-निर्माण कौशल को बढ़ावा देता है, और बच्चों के क्षितिज को व्यापक बनाता है, विभिन्न दृष्टिकोणों के लिए समझ और प्रोत्साहन विकसित करता है, और जो उनकी सामाजिक भावनात्मक क्षमताओं का भी निर्माण करता है।
  • बच्चे के अधिकारों पर सम्मेलन, सार्वजनिक और निजी दोनों अभिनेताओं को उनकी सभी विकास गतिविधियों और सेवा प्रावधान में बच्चे के सर्वोत्तम हितों के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • UNICEF जनरेशन AI परियोजना वर्तमान में विश्व आर्थिक मंच के चौथे औद्योगिक क्रांति केंद्र और अन्य भागीदारों के साथ मिलकर बच्चों के लिए एक सुरक्षित और खुली कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षमता का एहसास करने में सहयोग कर रही है।
  • इस परस्पर जुड़ी दुनिया में, हम बहुपक्षीय और बहु-हितधारक समूहों के माध्यम से जितना अधिक संपर्क स्थापित करेंगे, हमें उसे राष्ट्रीय और स्थानीय रूप से शामिल करने में उतनी ही सहजता होगी।
  • भारत, जनरेशन AI के लिए एक नैतिक AI सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को फिर से संगठित कर सकता है, ठीक वैसे ही जैसे भारत ने मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को बनाने में मदद की और दुनिया को अहिंसा की अवधारणा प्रस्तुत की।

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न:

हम नुकसान को कम करने के साथ-साथ AI के बच्चों के विकास में बेहतर उपयोग के लिए उसे कैसे प्रोत्साहित और समर्थित कर सकते हैं? साथ ही हम अपने बच्चों और युवाओं को ज्ञान, उपकरण और जागरूकता प्रदान कर उन्हें कैसे सुरक्षित कर सकते हैं?